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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1103

नंबर 1103किताब 11, नंबर 24
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ حَمَّادٍ الْمَعْنِيُّ الْبَصْرِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ جَابِرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْبَغَايَا اللاَّتِي يُنْكِحْنَ أَنْفُسَهُنَّ بِغَيْرِ بَيِّنَةٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ يُوسُفُ بْنُ حَمَّادٍ رَفَعَ عَبْدُ الأَعْلَى هَذَا الْحَدِيثَ فِي التَّفْسِيرِ وَأَوْقَفَهُ فِي كِتَابِ الطَّلاَقِ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏
Ibn Abbas narrated that :the Prophet said: "The adulteresses are the ones who marry themselves without Bayyinah (proof)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।