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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1101

नंबर 1101किताब 11, नंबर 22
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا شَرِيكُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ إِسْرَائِيلَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ حُبَابٍ، عَنْ يُونُسَ بْنِ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ نِكَاحَ إِلاَّ بِوَلِيٍّ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَائِشَةَ وَابْنِ عَبَّاسٍ وَأَبِي هُرَيْرَةَ وَعِمْرَانَ بْنِ حُصَيْنٍ وَأَنَسٍ ‏.‏
Abu Musa narrated that :the Messenger of Allah said: "There is no marriage except with a Wali
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।