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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1096

नंबर 1096किताब 11, नंबर 17
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ، عَنْ سُفْيَانَ، نَحْوَ هَذَا ‏.‏ وَقَدْ رَوَى غَيْرُ، وَاحِدٍ، هَذَا الْحَدِيثَ عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَنَسٍ، وَلَمْ يَذْكُرُوا فِيهِ عَنْ وَائِلٍ، عَنِ ابْنِهِ، ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَكَانَ سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ يُدَلِّسُ فِي هَذَا الْحَدِيثِ فَرُبَّمَا لَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ وَائِلٍ عَنِ ابْنِهِ وَرُبَّمَا ذَكَرَهُ ‏.‏
(Another chain similar to the narration as no. 1095) :Others have reported this Hadith from Ibn Uyainah, from Az-Zuhri, from Anas, and they did not mention "from Wa'il, from his son Nawf" in it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।