सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1089

नंबर 1089किताब 11, नंबर 10
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ مَيْمُونٍ الأَنْصَارِيُّ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَعْلِنُوا هَذَا النِّكَاحَ وَاجْعَلُوهُ فِي الْمَسَاجِدِ وَاضْرِبُوا عَلَيْهِ بِالدُّفُوفِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ حَسَنٌ فِي هَذَا الْبَابِ ‏.‏ وَعِيسَى بْنُ مَيْمُونٍ الأَنْصَارِيُّ يُضَعَّفُ فِي الْحَدِيثِ ‏.‏ وَعِيسَى بْنُ مَيْمُونٍ الَّذِي يَرْوِي عَنِ ابْنِ أَبِي نَجِيحٍ التَّفْسِيرَ هُوَ ثِقَةٌ ‏.‏
Aishah narrated that:The Messenger of Allah said: "Publicize this marriage, and hold it in the Masjid, and beat the Duff for it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifBashar Awad Maarouf
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।