सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1086

नंबर 1086किताब 11, नंबर 7
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ مُوسَى، أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ يُوسُفَ الأَزْرَقُ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْمَرْأَةَ تُنْكَحُ عَلَى دِينِهَا وَمَالِهَا وَجَمَالِهَا فَعَلَيْكَ بِذَاتِ الدِّينِ تَرِبَتْ يَدَاكَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَوْفِ بْنِ مَالِكٍ وَعَائِشَةَ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَأَبِي سَعِيدٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ جَابِرٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Jabir narrated that:The Prophet said: "Indeed the woman is married for her religion, her wealth, and her beauty, so take the one with religion, and may your hands be dusty
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book on Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।