सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 984

नंबर 984किताब 10, नंबर 20
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ الرَّازِيُّ، حَدَّثَنَا حَكَّامُ بْنُ سَلْمٍ، وَهَارُونُ بْنُ الْمُغِيرَةِ، عَنْ عَنْبَسَةَ، عَنْ أَبِي حَمْزَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِيَّاكُمْ وَالنَّعْىَ فَإِنَّ النَّعْىَ مِنْ عَمَلِ الْجَاهِلِيَّةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ وَالنَّعْىُ أَذَانٌ بِالْمَيِّتِ ‏.‏ وَفِي الْبَابِ عَنْ حُذَيْفَةَ ‏.‏
Abdullah narrated that:The Prophet said: "Beware of An-Na'i, for indeed announcing one's death is from the deeds of Jahliyyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।