सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 982

नंबर 982किताब 10, नंबर 18
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنِ الْمُثَنَّى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الْمُؤْمِنُ يَمُوتُ بِعَرَقِ الْجَبِينِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ مَسْعُودٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَقَدْ قَالَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ لا نَعْرِفُ لِقَتَادَةَ سَمَاعًا مِنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ ‏.‏
Abdullah bin Buraidah narrated from his father, that:The Prophet said: "The believer dies with sweat on his brow
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।