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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 976

नंबर 976किताब 10, नंबर 12
حَدَّثَنَا أَبُو سَلَمَةَ، يَحْيَى بْنُ خَلَفٍ الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ، عَنْ عُمَارَةَ بْنِ غَزِيَّةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَقِّنُوا مَوْتَاكُمْ لاَ إِلَهَ إِلاَّ اللَّهُ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَأُمِّ سَلَمَةَ وَعَائِشَةَ وَجَابِرٍ وَسُعْدَى الْمُرِّيَّةِ وَهِيَ امْرَأَةُ طَلْحَةَ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ أَبِي سَعِيدٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ صَحِيحٌ ‏.‏
Abu Sa'eed Al-Khudri narrated that:The Prophet said: "Instruct your dying to say: (La illaha illallah) 'None has the right to be worshipped but Allah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।