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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1076

नंबर 1076किताब 10, नंबर 112
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ الْمُؤَدِّبُ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَتْنَا أُمُّ الأَسْوَدِ، عَنْ مُنْيَةَ بِنْتِ عُبَيْدِ بْنِ أَبِي بَرْزَةَ، عَنْ جَدِّهَا أَبِي بَرْزَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ عَزَّى ثَكْلَى كُسِيَ بُرْدًا فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ وَلَيْسَ إِسْنَادُهُ بِالْقَوِيِّ ‏.‏
Abu Barzah narrated that :The Messenger of Allah said: "Whoever consoles a bereaved mother, he will be clothes with a Burd in Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।