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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1073

नंबर 1073किताब 10, नंबर 109
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَاصِمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا وَاللَّهِ، مُحَمَّدُ بْنُ سُوقَةَ عَنْ إِبَرْاهِيمَ، عَنِ الأَسْوَدِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ عَزَّى مُصَابًا فَلَهُ مِثْلُ أَجْرِهِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ لاَ نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلاَّ مِنْ حَدِيثِ عَلِيِّ بْنِ عَاصِمٍ ‏.‏ وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سُوقَةَ بِهَذَا الإِسْنَادِ مِثْلَهُ مَوْقُوفًا وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏ وَيُقَالُ أَكْثَرُ مَا ابْتُلِيَ بِهِ عَلِيُّ بْنُ عَاصِمٍ بِهَذَا الْحَدِيثِ نَقَمُوا عَلَيْهِ ‏.‏
Abdullah narrated that:The Prophet said: "Whoever consoles a person with an affliction, then he gets the same reward as him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।