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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1068

नंबर 1068किताब 10, नंबर 104
حَدَّثَنَا يُوسُفُ بْنُ عِيسَى، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ، وَشَرِيكٌ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، أَنَّ رَجُلاً، قَتَلَ نَفْسَهُ فَلَمْ يُصَلِّ عَلَيْهِ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَاخْتَلَفَ أَهْلُ الْعِلْمِ فِي هَذَا فَقَالَ بَعْضُهُمْ يُصَلَّى عَلَى كُلِّ مَنْ صَلَّى إِلَى الْقِبْلَةِ وَعَلَى قَاتِلِ النَّفْسِ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ سُفْيَانَ الثَّوْرِيِّ وَإِسْحَاقَ ‏.‏ وَقَالَ أَحْمَدُ لاَ يُصَلِّي الإِمَامُ عَلَى قَاتِلِ النَّفْسِ وَيُصَلِّي عَلَيْهِ غَيْرُ الإِمَامِ ‏.‏
Jabir bin Samurah narrated:"A man killed himself, so the Prophet did not perform Salat over him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।