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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1056

नंबर 1056किताब 10, नंबर 92
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لَعَنَ زَوَّارَاتِ الْقُبُورِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ وَحَسَّانَ بْنِ ثَابِتٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رَأَى بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ أَنَّ هَذَا كَانَ قَبْلَ أَنْ يُرَخِّصَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم فِي زِيَارَةِ الْقُبُورِ فَلَمَّا رَخَّصَ دَخَلَ فِي رُخْصَتِهِ الرِّجَالُ وَالنِّسَاءُ ‏.‏ وَقَالَ بَعْضُهُمْ إِنَّمَا كُرِهَ زِيَارَةُ الْقُبُورِ لِلنِّسَاءِ لِقِلَّةِ صَبْرِهِنَّ وَكَثْرَةِ جَزَعِهِنَّ ‏.‏
Abu Hurairah narrated:"Indeed the Messenger of Allah cursed the women who visit the graves
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAhmad Muhammad Shakir
  • HasanAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।