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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1050

नंबर 1050किताब 10, नंबर 86
حَدَّثَنَا هَنَّادٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ، عَنْ بُسْرِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِي إِدْرِيسَ الْخَوْلاَنِيِّ، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ، عَنْ أَبِي مَرْثَدٍ الْغَنَوِيِّ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَجْلِسُوا عَلَى الْقُبُورِ وَلاَ تُصَلُّوا إِلَيْهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ وَعَمْرِو بْنِ حَزْمٍ وَبَشِيرِ ابْنِ الْخَصَاصِيَةِ ‏.‏ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ نَحْوَهُ ‏.‏
Abu Marthan Al-Ghanawi narrated that:The Prophet said: "Do not sit on the graves nor perform Salat towards them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।