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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1035

नंबर 1035किताब 10, नंबर 71
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ، وَالْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ حُسَيْنٍ الْمُعَلِّمِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ سَمُرَةَ بْنِ جُنْدَبٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى عَلَى امْرَأَةٍ فَقَامَ وَسَطَهَا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَقَدْ رَوَاهُ شُعْبَةُ عَنْ حُسَيْنٍ الْمُعَلِّمِ ‏.‏
Samurah bin Jundab narrated:"The Prophet prayed over a woman, so he stood at her middle
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।