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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1033

नंबर 1033किताब 10, नंबर 69
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَبْدِ الْوَاحِدِ بْنِ حَمْزَةَ، عَنْ عَبَّادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى سُهَيْلِ ابْنِ بَيْضَاءَ فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏ قَالَ الشَّافِعِيُّ قَالَ مَالِكٌ لاَ يُصَلَّى عَلَى الْمَيِّتِ فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏ وَقَالَ الشَّافِعِيُّ يُصَلَّى عَلَى الْمَيِّتِ فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏ وَاحْتَجَّ بِهَذَا الْحَدِيثِ ‏.‏
Aishah narrated:"The Messenger of Allah performed Salat over Suhail bin Al-Baida in the Masjid
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।