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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1026

नंबर 1026किताब 10, नंबर 62
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ مَنِيعٍ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ حُبَابٍ، حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ عُثْمَانَ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ مِقْسَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ عَلَى الْجَنَازَةِ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ أُمِّ شَرِيكٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ عَبَّاسٍ حَدِيثٌ لَيْسَ إِسْنَادُهُ بِذَلِكَ الْقَوِيِّ ‏.‏ إِبْرَاهِيمُ بْنُ عُثْمَانَ هُوَ أَبُو شَيْبَةَ الْوَاسِطِيُّ مُنْكَرُ الْحَدِيثِ ‏.‏ وَالصَّحِيحُ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَوْلُهُ مِنَ السُّنَّةِ الْقِرَاءَةُ عَلَى الْجَنَازَةِ بِفَاتِحَةِ الْكِتَابِ ‏.‏
Ibn Abbas narrated:"The Prophet recited Fatihatil-Kitab for a funeral (prayer)." (Da'if Jiddan)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।