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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1019

नंबर 1019किताब 10, नंबर 55
حَدَّثَنَا أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ، عَنْ عِمْرَانَ بْنِ أَنَسٍ الْمَكِّيِّ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ اذْكُرُوا مَحَاسِنَ مَوْتَاكُمْ وَكُفُّوا عَنْ مَسَاوِيهِمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ ‏.‏ سَمِعْتُ مُحَمَّدًا يَقُولُ عِمْرَانُ بْنُ أَنَسٍ الْمَكِّيُّ مُنْكَرُ الْحَدِيثِ وَرَوَى بَعْضُهُمْ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ عَائِشَةَ ‏.‏ قَالَ وَعِمْرَانُ بْنُ أَبِي أَنَسٍ مِصْرِيٌّ أَقْدَمُ وَأَثْبَتُ مِنْ عِمْرَانَ بْنِ أَنَسٍ الْمَكِّيِّ ‏.‏
Ibn Umar narrated that:The Messenger of Allah said: "Mention good things about your dead, and refrain from (mentioning) their evil
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।