सीधे कंटेंट पर जाएँ
जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1010

नंबर 1010किताब 10, नंबर 46
حَدَّثَنَا أَبُو مُوسَى، مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ يَزِيدَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَأَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ وَعُثْمَانَ كَانُوا يَمْشُونَ أَمَامَ الْجَنَازَةِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى سَأَلْتُ مُحَمَّدًا عَنْ هَذَا الْحَدِيثِ فَقَالَ هَذَا حَدِيثٌ خَطَأٌ أَخْطَأَ فِيهِ مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ وَإِنَّمَا يُرْوَى هَذَا الْحَدِيثُ عَنْ يُونُسَ عَنِ الزُّهْرِيِّ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَأَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ كَانُوا يَمْشُونَ أَمَامَ الْجَنَازَةِ ‏.‏ قَالَ الزُّهْرِيُّ وَأَخْبَرَنِي سَالِمٌ أَنَّ أَبَاهُ كَانَ يَمْشِي أَمَامَ الْجَنَازَةِ ‏.‏ قَالَ مُحَمَّدٌ وَهَذَا أَصَحُّ ‏.‏
Anas bin Malik narrated:"The Messenger of Allah would walk in front of the funeral, as did Abu Bakr, Umar and Uthman
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।