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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 1008

नंबर 1008किताब 10, नंबर 44
حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ الْخَلاَّلُ، حَدَّثَنَا عَمْرُو بْنُ عَاصِمٍ، عَنْ هَمَّامٍ، عَنْ مَنْصُورٍ، وَبَكْرٍ الْكُوفِيِّ، وَزِيَادٍ، وَسُفْيَانَ، كُلُّهُمْ يَذْكُرُ أَنَّهُ سَمِعَهُ مِنَ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِيهِ قَالَ رَأَيْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَأَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ يَمْشُونَ أَمَامَ الْجَنَازَةِ ‏.‏
Salim bin Abdullah narrated that his father said:"I saw the Prophet, Abu Bakr, and Umar walking in front of the funeral
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book on Jana''iz (Funerals)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।