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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 62

नंबर 62किताब 1, नंबर 62
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ حَدَّثَتْنِي مَيْمُونَةُ، قَالَتْ كُنْتُ أَغْتَسِلُ أَنَا وَرَسُولُ اللَّهِ، صلى الله عليه وسلم مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ مِنَ الْجَنَابَةِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ عَامَّةِ الْفُقَهَاءِ أَنْ لاَ بَأْسَ أَنْ يَغْتَسِلَ الرَّجُلُ وَالْمَرْأَةُ مِنْ إِنَاءٍ وَاحِدٍ ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَعَائِشَةَ وَأَنَسٍ وَأُمِّ هَانِئٍ وَأُمِّ صُبَيَّةَ الْجُهَنِيَّةِ وَأُمِّ سَلَمَةَ وَابْنِ عُمَرَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَأَبُو الشَّعْثَاءِ اسْمُهُ جَابِرُ بْنُ زَيْدٍ ‏.‏
Maimunah said:"I and Allah's Messenger would perform Ghusl for Janabah from one vessel
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।