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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 58

नंबर 58किताब 1, नंबर 58
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حُمَيْدٍ الرَّازِيُّ، حَدَّثَنَا سَلَمَةُ بْنُ الْفَضْلِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَتَوَضَّأُ لِكُلِّ صَلاَةٍ طَاهِرًا أَوْ غَيْرَ طَاهِرٍ ‏.‏ قَالَ قُلْتُ لأَنَسٍ فَكَيْفَ كُنْتُمْ تَصْنَعُونَ أَنْتُمْ قَالَ كُنَّا نَتَوَضَّأُ وُضُوءًا وَاحِدًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ حُمَيْدٍ عَنْ أَنَسٍ حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ وَالْمَشْهُورُ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ حَدِيثُ عَمْرِو بْنِ عَامِرٍ الأَنْصَارِيِّ عَنْ أَنَسٍ ‏.‏ وَقَدْ كَانَ بَعْضُ أَهْلِ الْعِلْمِ يَرَى الْوُضُوءَ لِكُلِّ صَلاَةٍ اسْتِحْبَابًا لاَ عَلَى الْوُجُوبِ ‏.‏
Anas narrated that :"The Prophet would perform wudu for every Salat, whether he was in state of purity or not in a state of purity
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।