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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 52

नंबर 52किताब 1, नंबर 52
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنِ الْعَلاَءِ، نَحْوَهُ ‏.‏ وَقَالَ قُتَيْبَةُ فِي حَدِيثِهِ ‏ "‏ فَذَلِكُمُ الرِّبَاطُ فَذَلِكُمُ الرِّبَاطُ فَذَلِكُمُ الرِّبَاطُ ‏"‏ ‏.‏ ثَلاَثًا ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَفِي الْبَابِ عَنْ عَلِيٍّ وَعَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو وَابْنِ عَبَّاسٍ وَعَبِيدَةَ وَيُقَالُ عُبَيْدَةُ بْنِ عَمْرٍو وَعَائِشَةَ وَعَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَائِشٍ الْحَضْرَمِيِّ وَأَنَسٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَحَدِيثُ أَبِي هُرَيْرَةَ فِي هَذَا الْبَابِ حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَلاَءُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ هُوَ ابْنُ يَعْقُوبَ الْجُهَنِيُّ الْحُرَقِيُّ وَهُوَ ثِقَةٌ عِنْدَ أَهْلِ الْحَدِيثِ ‏.‏
Qutaibah said in his narration:"For that is the Ribat, that is the Ribat, that is the Ribat" three times
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।