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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 148

नंबर 148किताब 1, नंबर 148
قَالَ سَعِيدٌ قَالَ سُفْيَانُ وَحَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، نَحْوَ هَذَا ‏.‏ قَالَ وَفِي الْبَابِ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ، وَابْنِ، عَبَّاسٍ وَوَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى وَهَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ ‏.‏ وَالْعَمَلُ عَلَى هَذَا عِنْدَ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ وَهُوَ قَوْلُ أَحْمَدَ وَإِسْحَاقَ ‏.‏ وَقَدْ رَوَى يُونُسُ هَذَا الْحَدِيثَ عَنِ الزُّهْرِيِّ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
Anas bin Malik narrated similar to this (no. 147).:[He said:] There are narrations on this topic from 'Abdullah bin Mas'ud, Ibn Abbas, and Wathilah bin AI-Asqa
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAhmad Muhammad Shakir
  • SahihAl-Albani
  • Hasan SahihBashar Awad Maarouf
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।