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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 137

नंबर 137किताब 1, नंबर 137
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ حُرَيْثٍ، أَخْبَرَنَا الْفَضْلُ بْنُ مُوسَى، عَنْ أَبِي حَمْزَةَ السُّكَّرِيِّ، عَنْ عَبْدِ الْكَرِيمِ، عَنْ مِقْسَمٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا كَانَ دَمًا أَحْمَرَ فَدِينَارٌ وَإِذَا كَانَ دَمًا أَصْفَرَ فَنِصْفُ دِينَارٍ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ الْكَفَّارَةِ فِي إِتْيَانِ الْحَائِضِ قَدْ رُوِيَ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ مَوْقُوفًا وَمَرْفُوعًا ‏.‏ وَهُوَ قَوْلُ بَعْضِ أَهْلِ الْعِلْمِ ‏.‏ وَبِهِ يَقُولُ أَحْمَدُ وَإِسْحَاقُ ‏.‏ وَقَالَ ابْنُ الْمُبَارَكِ يَسْتَغْفِرُ رَبَّهُ وَلاَ كَفَّارَةَ عَلَيْهِ ‏.‏ وَقَدْ رُوِيَ نَحْوُ قَوْلِ ابْنِ الْمُبَارَكِ عَنْ بَعْضِ التَّابِعِينَ مِنْهُمْ سَعِيدُ بْنُ جُبَيْرٍ وَإِبْرَاهِيمُ النَّخَعِيُّ وَهُوَ قَوْلُ عَامَّةِ عُلَمَاءِ الأَمْصَارِ ‏.‏
Ibn Abbas narrated that :the Prophet said: "When the blood is red then (give) a Dinar. And when the blood is yellow then half Dinar
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAhmad Muhammad Shakir
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।