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जामे तिर्मिज़ी

नंबर 102

नंबर 102किताब 1, नंबर 102
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ الْمُفَضَّلِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ إِسْحَاقَ، هُوَ الْقُرَشِيُّ عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَمَّارِ بْنِ يَاسِرٍ، قَالَ سَأَلْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ عَنِ الْمَسْحِ، عَلَى الْخُفَّيْنِ فَقَالَ السُّنَّةُ يَا ابْنَ أَخِي ‏.‏ قَالَ وَسَأَلْتُهُ عَنِ الْمَسْحِ، عَلَى الْعِمَامَةِ فَقَالَ أَمِسَّ الشَّعَرَ الْمَاءَ ‏.‏
Abu Ubaidah bin Muttammad bin Ammar bin Yasir said:"I asked Jabir bin Abdullah about wiping over the Khuff. He said, 'O my nephew! It is the Sunnah.'" [He said:] "And I asked him about wiping over the lmamah. He said, '[Wipe1 the hair [with water]
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAhmad Muhammad Shakir
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book on Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।