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सुनन नसाई

नंबर 771

नंबर 771किताब 9, नंबर 30
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، - وَاللَّفْظُ لَهُ - عَنْ سُفْيَانَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى فِي خَمِيصَةٍ لَهَا أَعْلاَمٌ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ شَغَلَتْنِي أَعْلاَمُ هَذِهِ اذْهَبُوا بِهَا إِلَى أَبِي جَهْمٍ وَائْتُونِي بِأَنْبِجَانِيِّهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Aisha (ra) that the Messenger of Allah(ﷺ)prayed in a khamisah that had markings, then he said:"These markings distracted me. Take it to Abu Jahm and bring me his Anbijani (a woolen garment with no markings)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।