सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 760

नंबर 760किताब 9, नंबर 19
أَخْبَرَنَا عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ، عَنِ ابْنِ جَابِرٍ، عَنْ بُسْرِ بْنِ عُبَيْدِ اللَّهِ، عَنْ وَاثِلَةَ بْنِ الأَسْقَعِ، عَنْ أَبِي مَرْثَدٍ الْغَنَوِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تُصَلُّوا إِلَى الْقُبُورِ وَلاَ تَجْلِسُوا عَلَيْهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Marthad al Ghanawi said:"The Messenger of Allah(ﷺ)said: 'Do not pray toward graves and do not sit on them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।