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सुनन नसाई

नंबर 757

नंबर 757किताब 9, नंबर 16
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي سَعِيدٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا كَانَ أَحَدُكُمْ يُصَلِّي فَلاَ يَدَعْ أَحَدًا أَنْ يَمُرَّ بَيْنَ يَدَيْهِ فَإِنْ أَبَى فَلْيُقَاتِلْهُ ‏"‏ ‏.‏
Narrated Abu Saeed:It was narrated from Abu Saeed that the Messenger of Allah(ﷺ) said: " If anyone of you is praying, he should not let anyone pass in front of him, and if he insists (on passing) then let him fight him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।