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सुनन नसाई

नंबर 745

नंबर 745किताब 9, नंबर 4
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ دِينَارٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ بَيْنَمَا النَّاسُ بِقُبَاءٍ فِي صَلاَةِ الصُّبْحِ جَاءَهُمْ آتٍ فَقَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَدْ أُنْزِلَ عَلَيْهِ اللَّيْلَةَ قُرْآنٌ وَقَدْ أُمِرَ أَنْ يَسْتَقْبِلَ الْقِبْلَةَ ‏.‏ فَاسْتَقْبَلُوهَا وَكَانَتْ وُجُوهُهُمْ إِلَى الشَّامِ فَاسْتَدَارُوا إِلَى الْكَعْبَةِ ‏.‏
It was narrated that Ibn Umar said:"While the people were in Quba praying Subh prayer, someone came to them and said that revelation had come to Messenger of Allah(ﷺ) the night before, and he had been commanded to face Ka'bah. So face toward it. They had been facing toward Ash-Sham, so they turned to face toward Ka'bah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of the Qiblah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।