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सुनन नसाई

नंबर 684

नंबर 684किताब 7, नंबर 59
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ حَكِيمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ عَوْنٍ، عَنْ أَبِي عُمَيْسٍ، قَالَ أَخْبَرَنَا أَبُو صَخْرَةَ، عَنْ أَبِي الشَّعْثَاءِ، قَالَ خَرَجَ رَجُلٌ مِنَ الْمَسْجِدِ بَعْدَ مَا نُودِيَ بِالصَّلاَةِ فَقَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ أَمَّا هَذَا فَقَدْ عَصَى أَبَا الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Abu Sakhrah narrated that Abu Ash-Sha'tha' said:"A man left the Masjid after the call to prayer had been given, and Abu Hurairah said: 'This man has indeed disobeyed Abu Al-Qasim (S.A.W)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।