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सुनन नसाई

नंबर 681

नंबर 681किताब 7, नंबर 56
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ كَهْمَسٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بُرَيْدَةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُغَفَّلٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ بَيْنَ كُلِّ أَذَانَيْنِ صَلاَةٌ بَيْنَ كُلِّ أَذَانَيْنِ صَلاَةٌ بَيْنَ كُلِّ أَذَانَيْنِ صَلاَةٌ لِمَنْ شَاءَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Abdullah bin Mughaffal said:"The Messenger of Allah (S.A.W) said: 'Between each two Adhans [1] there is a prayer, between each two Adhans there is a prayer, between each two Adhans there is a prayer, for whoever wants to do it." [1]Meaning, between the Adhan and Iqamah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।