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सुनन नसाई

नंबर 672

नंबर 672किताब 7, नंबर 47
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَفَّانُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ الْجُرَيْرِيُّ، عَنْ أَبِي الْعَلاَءِ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ عُثْمَانَ بْنِ أَبِي الْعَاصِ، قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ اجْعَلْنِي إِمَامَ قَوْمِي ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ أَنْتَ إِمَامُهُمْ وَاقْتَدِ بِأَضْعَفِهِمْ وَاتَّخِذْ مُؤَذِّنًا لاَ يَأْخُذُ عَلَى أَذَانِهِ أَجْرًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Uthman bin Abi Al-As said:"I said: 'O Messenger of Allah (S.A.W), make me the Imam of my people.' He said: 'You are their Imam, so consider the weakest among them and choose a Mu'adhdhin who does not accept any payment for his Adhan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।