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सुनन नसाई

नंबर 658

नंबर 658किताब 7, नंबर 33
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ، وَسَلَمَةِ بْنِ كُهَيْلٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، أَنَّهُ صَلَّى الْمَغْرِبَ وَالْعِشَاءَ بِجَمْعٍ بِإِقَامَةٍ وَاحِدَةٍ ثُمَّ حَدَّثَ عَنِ ابْنِ عُمَرَ أَنَّهُ صَنَعَ مِثْلَ ذَلِكَ وَحَدَّثَ ابْنُ عُمَرَ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَنَعَ مِثْلَ ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated from Sa'eed bin Jubair that he prayed Maghrib and 'Isha' in Jam' (Muzdalifah) with one Iqamah, then he narrated that Ibn 'Umar had done that, and Ibn 'Umar narrated that the Prophet (S.A.W) had done that
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।