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सुनन नसाई

नंबर 630

नंबर 630किताब 7, नंबर 5
أَخْبَرَنَا سُوَيْدُ بْنُ نَصْرٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ هَمَّامِ بْنِ يَحْيَى، عَنْ عَامِرِ بْنِ عَبْدِ الْوَاحِدِ، حَدَّثَنَا مَكْحُولٌ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَيْرِيزٍ، عَنْ أَبِي مَحْذُورَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ الأَذَانُ تِسْعُ عَشْرَةَ كَلِمَةً وَالإِقَامَةُ سَبْعُ عَشْرَةَ كَلِمَةً ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ عَدَّهَا أَبُو مَحْذُورَةَ تِسْعَ عَشْرَةَ كَلِمَةً وَسَبْعَ عَشْرَةَ ‏.‏
It was narrated from Abu Mahdhurah that the Messenger of Allah (S.A.W) taught him the Adhan with nineteen phrases and the Iqamah with seventeen phrases, then Abu Mahdhurah counted them as nineteen and seventeen
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।