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सुनन नसाई

नंबर 627

नंबर 627किताब 7, नंबर 2
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِلاَلاً أَنْ يَشْفَعَ الأَذَانَ وَأَنْ يُوتِرَ الإِقَامَةَ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah (S.A.W) commanded Bilal to say the phrases of the Adhan twice and the phrases of the Iqamah once
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad Sahih Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of the Adhan (The Call to Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।