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सुनन नसाई

नंबर 614

नंबर 614किताब 6, नंबर 121
أَخْبَرَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، عَنْ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ الأَحْوَلُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الرَّجُلِ يَرْقُدُ عَنِ الصَّلاَةِ أَوْ يَغْفُلُ عَنْهَا قَالَ ‏ "‏ كَفَّارَتُهَا أَنْ يُصَلِّيَهَا إِذَا ذَكَرَهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah (ﷺ) was asked about a man who slept and missed the prayer, or forgot it. He said: 'The expiation for that is to pray it when he remembers it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।