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सुनन नसाई

नंबर 585

नंबर 585किताब 6, नंबर 92
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ سَمِعْتُ مِنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ بَابَاهْ، يُحَدِّثُ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ مُطْعِمٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ يَا بَنِي عَبْدِ مَنَافٍ لاَ تَمْنَعُوا أَحَدًا طَافَ بِهَذَا الْبَيْتِ وَصَلَّى أَيَّةَ سَاعَةٍ شَاءَ مِنْ لَيْلٍ أَوْ نَهَارٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jubair bin Mut'im that the Prophet (ﷺ) said:"O Banu 'Abd Manaf, do not prevent anyone from circumambulating this House and praying at any time he wants of night or day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।