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सुनन नसाई

नंबर 580

नंबर 580किताब 6, नंबर 87
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ شُغِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنِ الرَّكْعَتَيْنِ قَبْلَ الْعَصْرِ فَصَلاَّهُمَا بَعْدَ الْعَصْرِ ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) got distracted and did not pray the two Rak'ahs before 'Asr so he prayed them after 'Asr
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।