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सुनन नसाई

नंबर 528

नंबर 528किताब 6, नंबर 35
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ رَقَبَةَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ إِيَاسٍ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ سَالِمٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ، قَالَ أَنَا أَعْلَمُ النَّاسِ، بِمِيقَاتِ هَذِهِ الصَّلاَةِ عِشَاءِ الآخِرَةِ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّيهَا لِسُقُوطِ الْقَمَرِ لِثَالِثَةٍ ‏.‏
It was narrated that An-Nu'man bin Bashir said:"I am the most knowledgeable of people about the time of the 'Isha' prayer. The Prophet (ﷺ) used to pray it when the moon set on the third night of the month
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of the Times (of Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।