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सुनन नसाई

नंबर 5746

नंबर 5746किताब 51, नंबर 208
أَخْبَرَنَا سُوَيْدٌ، قَالَ أَنْبَأَنَا عَبْدُ اللَّهِ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ إِنَّمَا سُمِّيَتِ الْخَمْرُ لأَنَّهَا تُرِكَتْ حَتَّى مَضَى صَفْوُهَا وَبَقِيَ كَدَرُهَا ‏.‏ وَكَانَ يَكْرَهُ كُلَّ شَىْءٍ يُنْبَذُ عَلَى عَكَرٍ ‏.‏
It was narrated that Sa'eed bin Al-Musayyab said:"Khamr is so called because it is left until the good parts are gone and the dregs remain." And he disliked everything that was made by using dregs (by adding new materials to the dregs)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।