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सुनन नसाई

नंबर 5715

नंबर 5715किताब 51, नंबर 177
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ، قَالَ سَمِعْتُ مَنْصُورًا، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ نُبَاتَةَ، عَنْ سُوَيْدِ بْنِ غَفَلَةَ، قَالَ كَتَبَ عُمَرُ بْنُ الْخَطَّابِ إِلَى بَعْضِ عُمَّالِهِ أَنِ ارْزُقِ، الْمُسْلِمِينَ مِنَ الطِّلاَءِ مَا ذَهَبَ ثُلُثَاهُ وَبَقِيَ ثُلُثُهُ ‏.‏
It was narrated that Suwiad bin Ghafalah said:"Umar bin Al-Khattab wrote to some of his workers saying: 'Give to the Muslims thickened grape juice when two thirds of it have gone and one-third is left
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih MuqufAbu Ghuddah
  • Sahih MuqufAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।