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सुनन नसाई

नंबर 5678

नंबर 5678किताब 51, नंबर 140
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ سِمَاكِ بْنِ حَرْبٍ، عَنِ ابْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم نَهَى عَنِ الدُّبَّاءِ وَالْحَنْتَمِ وَالنَّقِيرِ وَالْمُزَفَّتِ ‏.‏ خَالَفَهُ أَبُو عَوَانَةَ ‏.‏
It was narrated from Ibn Buraidah, from his father, that:The Messenger of Allah [SAW] forbade Ad-Dubba', Al-Hantam, An-Naqir, and Al-Muzaffat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAbu Ghuddah
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।