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सुनन नसाई

नंबर 5672

नंबर 5672किताब 51, नंबर 134
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، عَنْ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ نُبَيْطٍ، عَنْ جَابَانَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ يَدْخُلُ الْجَنَّةَ مَنَّانٌ وَلاَ عَاقٌّ وَلاَ مُدْمِنُ خَمْرٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Amr that:The Prophet [SAW] said: "No one who reminds others of his favors, no one who is disobedient to his parents and no drunkard, will enter Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।