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सुनन नसाई

नंबर 5590

नंबर 5590किताब 51, नंबर 52
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ زَبْرٍ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لاَ تَنْبِذُوا فِي الدُّبَّاءِ وَلاَ الْمُزَفَّتِ وَلاَ النَّقِيرِ وَكُلُّ مُسْكِرٍ حَرَامٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that:The Prophet [SAW] said: "Do not soak (fruits) in Ad-Dubba', An-Naqir, Al-Hantam, and every intoxicant is unlawful
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 51 · The Book of Drinks

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।