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सुनन नसाई

नंबर 5511

नंबर 5511किताब 50, नंबर 84
أَخْبَرَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنْ يَعْلَى بْنِ عَطَاءٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي عَلْقَمَةَ، حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ، مِنْ فِيهِ إِلَى فِيَّ قَالَ وَقَالَ يَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اسْتَعِيذُوا بِاللَّهِ مِنْ خَمْسٍ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ وَعَذَابِ الْقَبْرِ وَفِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ وَفِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Hurairah said:"He (meaning the Prophet [SAW]) said: 'Seek refuge with Allah from five things: From the torment of Hell, the torment of the grave, the trials of life and death, and the tribulation of Al-Masihid-Dajjal
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 50 · The Book of Seeking Refuge with Allah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।