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सुनन नसाई

नंबर 480

नंबर 480किताब 5, नंबर 33
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عَمِّي، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي يَزِيدُ بْنُ أَبِي حَبِيبٍ، عَنْ عِرَاكِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ سَمِعْتُ نَوْفَلَ بْنَ مُعَاوِيَةَ، يَقُولُ صَلاَةٌ مَنْ فَاتَتْهُ فَكَأَنَّمَا وُتِرَ أَهْلَهُ وَمَالَهُ ‏.‏ قَالَ ابْنُ عُمَرَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ هِيَ صَلاَةُ الْعَصْرِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that 'Irak bin Malik said:"I heard Nawfal bin Mu'awiyah say: 'There is a prayer which if a person misses it, it is as of he has been robbed of his family and his wealth.'" Ibn 'Umar said: "The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'It is 'Asr prayer
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Salah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।