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सुनन नसाई

नंबर 470

नंबर 470किताब 5, नंबर 23
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ الْحَكَمِ بْنِ عُتَيْبَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا جُحَيْفَةَ، قَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْهَاجِرَةِ - قَالَ ابْنُ الْمُثَنَّى إِلَى الْبَطْحَاءِ - فَتَوَضَّأَ وَصَلَّى الظُّهْرَ رَكْعَتَيْنِ وَالْعَصْرَ رَكْعَتَيْنِ وَبَيْنَ يَدَيْهِ عَنَزَةٌ ‏.‏
It was narrated that Al-Hakam bin 'Utaibah said:"I heard Abu Juhaifah say: 'The Messenger of Allah (ﷺ) set off at midday, during the time of intense heat' - (One of the narrators) Ibn Al-Muthanna said, to Al-Batha' - and he performed Wudu', and prayed Zuhr, two Rak'ahs, and 'Asr, two Rak'ahs, with a short spear ('Anzah) in front of him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Salah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।