सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 5424

नंबर 5424किताब 49, नंबर 46
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي مُوسَى، أَنَّ رَجُلَيْنِ، اخْتَصَمَا إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فِي دَابَّةٍ لَيْسَ لِوَاحِدٍ مِنْهُمَا بَيِّنَةٌ فَقَضَى بِهَا بَيْنَهُمَا نِصْفَيْنِ ‏.‏
It was narrated from Abu Musa:That two men referred a dispute to the Prophet [SAW] concerning an animal, and neither of them had any evidence, so he ruled that it be shared equally between them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Book of the Etiquette of Judges

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।