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सुनन नसाई

नंबर 5396

नंबर 5396किताब 49, नंबर 18
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْمَرٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَاصِمٍ، عَنْ زَكَرِيَّا بْنِ إِسْحَاقَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ أَبِي الشَّعْثَاءِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَجُلاً، جَاءَ إِلَى النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ إِنَّ أَبِي شَيْخٌ كَبِيرٌ أَفَأَحُجُّ عَنْهُ قَالَ ‏ "‏ نَعَمْ أَرَأَيْتَ لَوْ كَانَ عَلَيْهِ دَيْنٌ فَقَضَيْتَهُ أَكَانَ يُجْزِئُ عَنْهُ ‏"‏‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that:A man came to the Prophet [SAW] and said: "My father is an old man, can I perform Hajj on his behalf?" He said: "Yes. Don't you think that if he owed a debt and you paid it off, that would suffice him?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 49 · The Book of the Etiquette of Judges

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।