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सुनन नसाई

नंबर 5366

नंबर 5366किताब 48, नंबर 327
أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ قَزَعَةَ، عَنْ سُفْيَانَ بْنِ حَبِيبٍ، وَمُعْتَمِرِ بْنِ سُلَيْمَانَ، عَنْ أَشْعَثَ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَقِيقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لاَ يُصَلِّي فِي لُحُفِنَا ‏.‏ قَالَ سُفْيَانُ مَلاَحِفِنَا ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah [SAW] would not pray in our blankets
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 48 · The Book of Adornment

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।